ATS Full Form in Hindi




ATS Full Form in Hindi - एटीएस क्या होता है?

ATS Full Form in Hindi, ATS की फुल फॉर्म क्या होती है, एटीएस की फुल फॉर्म क्या है, ATS का पूरा नाम क्या है, Full Form of ATS in Hindi, एटीएस क्या है, ATS किसे कहते है, एटीएस कमांडो कैसे बने, ATS का पूरा नाम और हिंदी में क्या अर्थ होता है, दोस्तों क्या आपको पता है ATS की Full Form क्या है, अगर आपका answer नहीं है तो आपको उदास होने की कोई जरुरत नहीं क्योंकि आज हम इस article के माध्यम से ये जानेंगे की ATS क्या होता है? और इसकी Full Form क्या होती है? चलिए ATS के बारे में सभी प्रकार की सामान्य information आसान भाषा में इस article की मदद से प्राप्त करते हैं।

ATS Full Form in Hindi

ATS की full form "Anti-Terrorism Squad" होती है, एटीएस का हिंदी में मतलब "आतंकवाद विरोधी दस्ते" होता है. ATS भारतीय पुलिस अधिकारियों का एक दल है. आज के समय में ATS की भारत के हर राज्य में शाखाएँ मौजूद हैं. एटीएस का कार्य भारत देश के किसी भी हिस्से में काम करने वाले राष्ट्र-विरोधी elements के बारे में जानकारी प्राप्त करना है. केंद्रीय सूचना agencies जैसे आईबी, रॉ और उनके साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करना, और अन्य राज्यों की समान agencies के साथ समन्वय करना, माफिया और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट की गतिविधियों को ट्रैक करके उनको खत्म करना, नकली नोटों के रैकेट का पता लगाने और नशीले पदार्थों की तस्करी आदि का पता लगाने का काम भी वर्तमान सयम में ATS करता है।

एटीएस का उद्देश्य आतंकवाद को भारत देश से खत्म करना है, यह एक विशेष police force है. जो आतंकवादी हमलों और गतिविधियों का मुकाबला करने में सक्ष्म है, एटीएस भारत के कई राज्यों में काम करता है, एटीएस आईबी और रॉ जैसी केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसियों के साथ मिल कर काम करता है, एटीएस ने भारत देश में कई आतंकवादी हमलों को नाकाम किया है।

एटीएस की स्थापना कब की गई थी ?

एटीएस की स्थापना सन 1990 में महाराष्ट्र, के मुंबई सिटी में की गई थी, इसकी स्थापना मुंबई पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त, आफताब अहमद खान (A।A। खान) द्वारा की गई थी, आधुनिक समय के आतंकवाद को नियंत्रित करने और उससे लड़ने के लिए अमेरिका में एक विशेष police force की स्थापना. उससे प्रेरित हो कर Ahmed Khan ने एटीएस की नीव राखी।

What is ATS in Hindi

एटीएस की स्थापना 1 99 0 में महाराष्ट्र में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आफताब अहमद खान को लोकप्रिय रूप से एए खान के रूप में जाना जाता था. महाराष्ट्र में इसका नेतृत्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विवेक फंसलकर ने किया है. इस दल ने देश में कई आतंकवादी हमलों को रोक दिया है. ATS की देश भर में विभिन्न राज्यों में शाखाएँ हैं। एटीएस के कार्य देश के किसी भी हिस्से में काम करने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों के बारे में जानकारी प्राप्त करना, केंद्रीय सूचना एजेंसियों जैसे आईबी, रॉ और उनके साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करना, अन्य राज्यों की समान एजेंसियों के साथ समन्वय करना है. माफिया और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट की गतिविधियों को ट्रैक और खत्म करने के लिए, नकली नोटों के रैकेट का पता लगाने और नशीले पदार्थों की तस्करी आदि के लिए।

जैसा की हम सभी जानते है, आज पूरे विश्व के लिये आतंकवाद एक National और International समस्या बन चुका है। ये एक वैश्विक समस्या है जिसने लगभग सभी राष्ट्रों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से प्रभावित किया हुआ है। दोस्तों यह बात भी सच है की बहुत सारे देशों के द्वारा आतंकवाद का सामना करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन कुछ लोगों के द्वारा इसे आज भी समर्थन दिया जा रहा है.

दोस्तों सच पूछो तो आतंकवाद का ना तो कोई देश है और न ही कोई धर्म है, आज बहुत से देशो में आतंकवाद अपनी जाड़े बहुत मजबूत कर चूका है दोस्तों आतंकवाद को रोकने के लिए ही भारत सरकार ने ATS का गठन किया था, आतंकवाद, और आतंकवादियों के बहुत सारे उद्देश्य होते हैं. जैसे कि समाज में हिंसा के डर को फैलाना, Political objectives की प्राप्ति आदि। इनके निशाने पर हर वक्त देश का आम नागरिक होता है। एक खास देशों की सरकार से अपनी माँगों को पूरा करवाना ही आतंकवादियों का मुख्य लक्ष्य होता है. लोगों और सरकार तक अपनी आवाज को पहुँचाने के लिये वो Online social media, समाचारपत्र या Journals से संपर्क करते हैं. कई बार आतंकवादी हमले अपने वैचारिक और धार्मिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिये होते है।

भारत एक विकसित देश है जिसने पूर्व और वर्तमान में बहुत सारी चुनौतियों का सामना किया है. Terrorism उनमें से एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या है. भारत ने भूखमरी से होने वाली मृत्यु, अशिक्षा, गरीबी, असमानता, Population explosion और Terrorism जैसी चुनौतियों का सामना किया है जिसने इसकी विकास और वृद्धि को बुरी तरह प्रभावित किया है. आतंकवादियों के धर्म, मातृभूमि और दूसरे गैर-तार्किक भावनाओं के उद्देश्यों के लिये आम लोगों और सरकार से लड़ रहा Terrorism एक बड़ा खतरा है.

Terrorist अपने आप को एक बहादुर सैनिक बताते हैं हालाँकि, वो वास्तविक सैनिक नहीं होते हैं. सच्चे सैनिक कभी-भी आम लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और वो केवल Enemies से अपने देश को बचाने के लिये ही लड़ते हैं। वास्तव में असली सैनिक वो होते हैं जो राष्ट्रहित के लिये लड़ते हैं. जबकि Terrorist अपने खुद के गलत उद्देश्यों के लिये लड़ते हैं. एक राष्ट्रीय सैनिक अपनी सभी responsibilities को समझता है जबकि एक Terrorist कभी-भी ऐसा नहीं करता. आतंकवादियों को उनका नाम आतंक शब्द से मिला है. पूर्व में, Terrorism केवल कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित था जैसे जम्मू- कश्मीर हालाँकि; आज के दिनों में, ये लगभग सभी क्षेत्रों में फैल चुका है खासतौर से भारत के उत्तरपूर्वी इलाकों में, हाल ही में, भारत में Terrorist हमला मुम्बई में नरीमन हउस और ताज होटल में हुआ था. उस हमले ने भारत में कई जिन्दगियों को लील लिया था और बहुत आर्थिक हानि पहुँचायी थी।

आतंकवाद किसी व्यक्ति या संपत्ति को किसी राजनीतिक या सामाजिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए किसी सरकार या उसके नागरिकों को डराने या धमकाने के लिए बल या हिंसा का गैरकानूनी उपयोग है. कानून प्रवर्तन आमतौर पर दो प्रकार के आतंकवाद को पहचानता है: घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय, घरेलू आतंकवाद बिना किसी विदेशी दिशा के हमारे अपने नागरिकों द्वारा संयुक्त राज्य में आधारित और निष्पादित है. अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, जो विदेशी सरकारों या समूहों से जुड़ा है, हमारे देश की सीमाओं को पार करता है. अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी कार्य दुनिया में कहीं भी हो सकते हैं।

एटीएस की प्रमुख जिम्मेदारियां ?

  • देश विरोधी तत्वों के बारे में जानकारी एकत्र करने का काम एटीएस करता है।

  • RAW और IB जैसी खुफिया एजेंसियों के साथ सूचना का coordinate और आदान-प्रदान करना का काम भी एटीएस करता है।

  • आतंकवादियों, माफिया और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट की गतिविधियों और योजनाओं को ट्रैक करने और उन्हें खत्म करने का काम भी एटीएस के द्वारा किया जाता है।

  • नकली नोटों और मादक पदार्थों के रैकेट का पता लगाने और उनका पर्दाफाश करने का काम भी एटीएस करता है।

एटीएस join कैसे करे ?

एटीएस join करने के लिए 3 एग्जाम पार करने होते हैं, जो इस प्रकार है −

  • इसमें फिजीकल कैपेसिटी, मेंटल एबिलिटी और टेक्निकल और जनरल नॉलेज टेस्ट किया जाता है।

  • शुरुआती एग्जाम्स पास करने वाले जवानों को एटीएस के ट्रेनिंग सेंटर्स में शुरूआती ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है. ये ट्रेनिंग अलग अलग सेंटर्स पर होती है।

  • सेंटर्स बदलते रहते हैं और कमांडो रोटेशन के तहत ट्रेनिंग लेते हैं।