BRICS Full Form in Hindi




BRICS Full Form in Hindi - ब्रिक्स क्या है?

BRICS Full Form in Hindi, BRICS Full Form, BRICS फुल फॉर्म, क्या आपको पता है BRICS की full form क्या है, और BRICS का क्या मतलब होता है, क्या आपको पता है BRICS क्या है. अगर आपका answer नहीं है तो आपको उदास होने की कोई जरुरत नहीं है क्यूंकि आज हम इस post में आपको BRICS की पूरी जानकारी हिंदी भाषा में देने जा रहे है तो फ्रेंड्स BRICS Full Form in Hindi में और BRICS की पूरी history जानने के लिए इस post को लास्ट तक पढ़े।

BRICS की फुल फॉर्म Brazil, Russia, India, China और South Africa है. ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के लिए है। यह दुनिया की पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का संघ है. आइये अब इसके बारे में अन्य जानकारी सामान्य भाषा में प्राप्त करते हैं.

BRICS Brazil, Russia, India, China और South Africa देशों का एक Organization है. सन 2009 में BRICS के रूप में इसका पहला शिखर सम्मेलन हुआ था। दोस्तों सन 2011 में South Africa को इसमें शामिल किया गया था. आपको पता होना चाहिए world GDP का 25% plus तथा विश्व population का 40% plus इन्हीं देशों के पास है. इस organization की स्थापना करने के पीछे जो सबसे बड़ा उद्देश्य था वो भविष्य में इन 5 देश के द्वारा विश्व स्तर के ब्यापार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना था।

BRIC History in Hindi

BRICS एक उभरती अर्थव्यवस्था का एक organization है, जिसमे 5 बड़े देशों की अर्थव्यवस्था शामिल है. इन 5 बड़े देशों का नाम ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चाइना, साउथ अफ्रीका है. इन देशों के प्रथम अक्षरों को मिलाकर BRICS टर्म बनाई गई. इन में जो Country है उनकी अर्थव्यवस्था तेजी से grow कर रही है।

BRICS में शामिल सभी countries की अर्थव्यवस्था बहुत ही मजबूत है और सन 2001 में इसी अर्थव्यवस्था को लेकर Jim O'Neill ने अपने ‘द वर्ल्ड नीड्स बेटर इकोनॉमिक ब्रिक’ नामक एक प्रकाशन अपनी बात राखी थी जिसमे Jim O'Neill ने BRICS countries की अर्थव्यवस्था को काफी मजबूत अर्थव्यवस्था कहा था. दोस्तों Jim O'Neill, गोल्डमैन सैच्य समूह जो कि America का एक Multinational निवेश bank और वित्तीय सेवा company है, उसमें उस समय एक director के रूप में कार्य करते थे. उसी समय उन्होंने Brazil, Russia, India, China की अर्थव्यवस्था पर अनुसंधान किया था और इन countries के अर्थशास्त्र विश्लेषण करने के बाद उन्होंने अपने research को प्रकाशित किया था।

Jim O'Neill ने अपने प्रकाशन में लिखा था कि चार BRIC देश Brazil, Russia, India, China तेजी से विकास कर रहे हैं और आने वाले 50 सालों तक इन countries की संयुक्त अर्थव्यवस्थाएं, इस वक्त world के सबसे अमीर countries की अर्थव्यवस्थाओं से बड़ी होने वाली है. क्योंकि इन countries का बाजार काफी बड़ा है और तेजी से बढ़ भी रहा है. इस प्रकाशन में जिम ओ’नील ने इन चारों countries के नाम के लिए BRIC शब्द का इस्तेमाल किया गया था और ये शब्द इन countries के नाम के प्रथम शब्द से लेकर बनाया गया था।

BRICS मुद्दे और मतभेद-

  • India और China के बीच सीमा विवाद।

  • BRICS का नए सदस्यों के प्रवेश को लेकर साफ नजरिया नहीं।

  • India China के Pakistan के साथ संबंधों के बारे में असहज।

  • पहले दो सम्मलनों का कोई ठोस नतीजा नहीं।

  • China में गैर-कम्यूनिस्ट राजनीतिक गतिविधियों के लिए सहनशीलता ना के बराबर।

  • ब्राजील China की मुद्रा युआन को जानबूझ कर सस्ता रखे जाने पर चिंतित।

BRICS Kya Hai

BRICS का पूरा नाम ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका है. यह दुनिया की पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक संघ है. इस संघ में पांच प्रमुख उभरती उभरती अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है. वर्ष 2011 में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करने से पहले एसोसिएशन को शुरू में BRIC कहा गया था. BRICS के सदस्य अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक मामलों पर इसके प्रभाव के लिए जाने जाते हैं, सभी पांच राष्ट्र G-20 के सदस्य हैं।

BRICS का गठन दो प्रमुख कारणों से किया गया था जो इस प्रकार हैं

  • अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देने के लिए विश्व बैंक और IMF का विकल्प बनना इसका मुख्य कारण है.

  • किसी विदेशी संगठन पर निर्भर हुए बिना सदस्य देशों में विकासात्मक और किफायती योजनाओं की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने में सक्षम एक स्व-प्रबंधित संगठन प्रदान करना

रूस के एक बहुत ही खूबसूरत शहर येकातेरिनबर्ग में 16 जून, 2009 को पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया. वर्ष 2009 से, समूह ने वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया और सदस्य देशों ने शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए बारी-बारी से बैठक की, इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य राजनीतिक, वाणिज्यिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना और सदस्यों के बीच वैश्विक आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।

2015 तक, इन पांच देशों की आबादी लगभग 3 बिलियन थी; दुनिया की कुल आबादी का लगभग 42% और, एक साथ संयुक्त इन पांच देशों की जीडीपी सकल विश्व उत्पाद के लगभग 20% के बराबर थी। यह अनुमान है कि ब्रिक्स की संयुक्त जीडीपी 2020 तक यूएस $ 50 ट्रिलियन होगी।