DVD Full Form in Hindi




DVD Full Form in Hindi - डी.वी.डी की पूरी जानकारी हिंदी में

DVD Full Form in Hindi, DVD Full Form, डी.वी.डी की फुल फॉर्म इन हिंदी, दोस्तों क्या आपको पता है DVD की full form क्या है, DVD का क्या मतलब होता है, और DVD कितने types के होते हैं, DVD का Use किस लिए किया जाता है, अगर आपका answer नहीं है तो आपको उदास होने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि आज हम इस post में आपको DVD की पूरी जानकारी हिंदी भाषा में देने जा रहे है तो फ्रेंड्स DVD Full Form in Hindi में और DVD की पूरी history जानने के लिए इस post को लास्ट तक पढ़े।

DVD की फुल फॉर्म “Digital Versatile Disc” होती है, इसको हिंदी भाषा में “डिजिटल वर्सटाइल डिस्क” कहा जाता है. दोस्तों इसे “Digital Video Disc” के नाम से भी जाना जाता है. इसे आप एक Digital Optical Disc Format भी कह सकते है।

DVD एक डिजिटल ऑप्टिकल डिस्क स्टोरेज format है, इसका आविष्कार 1995 में फिलिप्स और सोनी द्वारा किया गया था. DVD एक medium है जो किसी भी प्रकार के डिजिटल डाटा को आपने अंदर store कर सकता है, और व्यापक रूप से सॉफ्टवेयर और अन्य कंप्यूटर files के साथ-साथ DVD players का use करके देखे जाने वाले videos के लिए भी उपयोग किया जाता है।

DVD का उपयोग मुख्य रूप से बड़े डाटा को store करने के लिए किया जाता है। इसलिए DVD में आप बहुत बड़ी मात्रा में किसी भी तरह के डाटा को store कर सकते है। DVD का use करने के लिए DVD driver की आवश्यकता होती है। तथा एक अच्छी क्वालिटी की DVD में हम 2 hours की movie store कर सकते है।

DVD के Types

DVD- ROM − इस तरह की DVD में मौजूद data को आप केवल पढ़ सकते है, इसका मतलब ये हुआ की इस तरह की DVD में मौजूद किसी भी प्रकार के data में आप कोई भी बदलाव नही कर सकते।

DVD- R − इस तरह की DVD में आप data को केवल एक ही बार record कर सकते है, और अगर आप ने इस तरह की DVD में एक बार data record कर दिया उसके बाद आप data को नही हटा सकते।

DVD- RW − इस तरह की DVD में आप data को Recored करके read कर सकते है तथा उस data को फिर से erase करके वापस नया data recored कर सकते है।

What is DVD in Hindi

DVD को डिजिटल वीडियो डिस्क या डिजिटल वर्सटाइल डिस्क के नाम से भी जाना जाता है, DVD या ऑप्टिकल डिस्क दोनों व्यक्तिगत कंप्यूटर और कुछElectronic products के लिए डिजिटल सामग्री को संग्रहीत करने के लिए एक मानक प्रारूप है। क्या आप जानते है, सीडी के मुकाबले DVD, में 7 गुना ज्यादा डेटा जमा या Store हो सकता है. आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे की शारीरिक रूप से दोनों सीडी और DVD एक ही व्यास और Thickness के हैं जो 5.25 '' है। DVD एक परत पर 4.7 जीबी में आता है और आजकल यह दोहरी परत डिस्क पर 8 जीबी में आता है।

DVD यानी डिजिटल वर्सटाइल डिस्‍क, जैसा की हम सभी जानते है, सबसे पहले सीडी का आविष्कार हुवा था, इसके आविष्कार ने डीजिटल की दुनिया में एक क्रांति सी ला दी थी, दोस्तों CD के बाद ही DVD का आगाज हुआ वैसे तो देखने में दोनों सीडी और DVD दोनों एक ही जैसे लगते है मगर इनकी डेटा Capsetti में अंतर होता है CD के मुकाबले DVD में ज्‍यादा डेटा सेव किया जा सकता है. मतलब DVD में यूजर करीब 4.7 जीबी से लेकर 17 जीबी तक डेटा सेव कर सकता है. DVD के आने के बाद बाजार में CD की मांग में भारी कमी देखी गई।

DVD एक प्रकार का ऑप्टिकल मीडिया है जिसका उपयोग डिजिटल डेटा को संग्रहीत करने के लिए किया जाता है. यह CD के समान आकार का है, लेकिन इसकी भंडारण क्षमता अधिक है. कुछ DVD को विशेष रूप से वीडियो प्लेबैक के लिए स्वरूपित किया जाता है, जबकि अन्य में विभिन्न प्रकार के डेटा हो सकते हैं, जैसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम और कंप्यूटर फाइलें।

एक डिजिटल बहुमुखी डिस्क की क्षमता बहुत ज्यादा होती है, जो 4.7 जीबी से शुरू होती है, वे 18-20x की गति से लिखे गए हैं और MPEG-2 संपीड़न की मदद से 40: 1 का वीडियो संपीड़न अनुपात है. डिजिटल बहुमुखी डिस्क के मामले में उपयोग की जाने वाली सामग्री और निर्माण तकनीक सीडी के समान ही हैं. DVD में परतें पॉली कार्बोनेट प्लास्टिक द्वारा बनाई गई हैं. डिजिटल बहुमुखी डिस्क को उनके अनुप्रयोगों के आधार पर विभिन्न तरीकों से वर्गीकृत किया जा सकता है. यदि उनका उपयोग केवल पढ़ने के लिए किया जाता है और लिखा नहीं जा सकता है, तो उन्हें डीवीडी-रॉम के रूप में वर्गीकृत किया जाता है. यदि किसी भी प्रकार के डेटा को रिकॉर्ड करने के लिए DVD का उपयोग किया जा सकता है, तो उन्हें डीवीडी-आर कहा जाता है. यदि डिस्क को पढ़ा, लिखा और मिटाया और फिर से लिखा जा सकता है, तो इसे डीवीडी-आरडब्ल्यू कहा जाता है।

DVD के फायदे

DVD का उपयोग करने के बहुत से फायदे है, आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे की ऑप्टिकल डिस्क सस्ता, वजन में हल्का , सँभालने मैं आसान है, और डेटा को स्टोर करने में आसान है। इसमें आपका डेटा बहुत ही सुरक्षित रहता है, जिससे की आपको डाटा loss होना का डर नहीं होता है, ऑप्टिकल डिस्क डेटा में लगभग स्थायी रूप से संग्रहीत किया जा सकता है ऑप्टिकल डिस्क में बहुत अधिक भंडारण घनत्व है, इसलिए आप बड़ी मात्रा में डेटा संग्रहीत कर सकते हैं। डीवीडी आकार में छोटा है इसलिए इसको कम स्थान की आवश्यकता होती है. डबल लेयर डिस्क का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह बड़ी मात्रा में डेटा संग्रहीत कर सकता है, DVD में आप बड़ी से बडी फाइल को सेव कर सकते है।

DVD के नुकसान

अगर हम बात करे इसके नुकसान की तो ऑप्टिकल डिस्क की सीमा ऑप्टिकल डिस्क लगभग स्थायी रूप से डेटा संग्रहीत कर सकता है, लेकिन याद रहे अगर आपने इसमें एक बार डेटा दाल दिया तो उसके बाद डिस्क में record किए गए डेटा को हटाए या मिटाया नहीं जा सकता है, Optical Disk में अन्य माध्यम की तुलना में डेटा स्थानांतरित करने की गति ऑप्टिकल डिस्क में धीमी है, जी हां आज के समय में बहुत से ऐसे माध्यम में जिनकी मदद से आप बहुत तेजी के था डाटा को Data Moved कर सकते है, याद रहे DVD का सही तरीके से इस्तेमाल न होने पर आसानी से क्षतिग्रस्त हो सकती है ।